Numerology यानी अंक शास्त्र में जन्म तिथि के अंकों को जोड़कर मूलांक निकाला जाता है। इसी तरह से मूलांक के जरिए किसी भी व्यक्ति के स्वभाव और आने वाले भविष्य के बारे में अनुमान लगाया जाता है। आज हम एक ऐसे मूलांक के बारे में बात करेंगे जो शनि देव को बहुत प्रिय है, इस मूलांक के धारकों पर शनि देव की विशेष कृपा बनी रहती है। 


शनि देव का प्रिय मूलांक है 8 और अंक शास्त्र के अनुसार शनि देव मूलांक 8 के स्वामी हैं और मूलांक 8 के जातकों पर विशेष कृपा बनाए रखते हैं। किसी भी महीने की 8 ,17 या 26 तारीख को जन्मे जातकों का मूलांक 8 होता है। 


हालांकि मूलांक 8 के स्वामी शनि देव होने के कारण इन जातकों को अपने जीवन में काफी संघर्ष करना पड़ता है। लेकिन उसे संघर्ष के फल स्वरुप सफलता भी बड़ी मिलती है। 


महीने की 8 , 17 या 26 तारीख को जन्म लेने वाले जातक मानसिक तौर पर बहुत ही मजबूत होते हैं और साथ ही साथ बुद्धिमान और मेहनती भी होते है। 


शनि देव के प्रभाव के कारण इन लोगों को अपने जीवन में संघर्ष तो करना पड़ता है लेकिन बाद में एक ही बार में इन्हें ऊंचा मुकाम हासिल होता है। 


शनि देव की कृपा से यह जातक खूब मान सम्मान पाते हैं। यह लोग खूब पैसा कमाते हैं और इन्हें जीवन में धन की कमी नहीं होती।  


यह लोग बेहद ही संतुलित जीवन जीते हैं और न्याय प्रिय होते है। यह किसी पर भी अंन्याय होते नहीं देख पाते। 

अगर आपका जन्म भी इनमें से किसी तारीख में हुआ है तो यह बहुत अच्छी बात है। 

आप इस पोस्ट को अपने परिवार और दोस्तों के साथ share कर सकते हैं जिनका जन्म 8 17 या 26 तारीख को हुआ है। 

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Siddhbali March 30, 2024
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हमारे हिन्दू सनातन धर्म में फाल्गुन का महीना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या 10 मार्च को मनाई जाएगी। 

इस दिन पितरों की पूजा की जाती है। जैसे हम पितरों को खुश करने के लिए इस दिन पूजा और दान करते हैं वैसे ही पितृ दोष से बचने के लिए कुछ ऐसी भी चीजे हैं जो हमें नहीं करनी चाहिए। 

क्या करना चाहिए

  • सुबह जल्दी उठ कर स्नान करें और भगवान् की पूजा आराधना करें
  • अधिक से अधिक दान करें

क्या नहीं करना चाहिए

  • फाल्गुन अमावस्या के दिन किसी दूसरे के घर का खाना खाने से बचना चाहिए ऐसा करने से पितृ नाराज़ हो सकते हैं। 
  • किसी भी तरह के लड़ाई झगडे से बचना चाहिए और गुस्से से भी दूरी बना के रखनी चाहिए इन सब को शुभ नहीं माना जाता। 
  • फाल्गुन अमावस्या के दिन आर्थिक नुकसान से बचने के लिए गलती से भी नाखून न काटें यह सही नहीं माना जाता। 
  • इस दिन किसी भी तरह का शुभ काम करने से बचना चाहिए और नयी चीज़ें जैसे नए कपडे नहीं खरीदने चाहिए। 
  • फाल्गुन अमावस्या के दिन रात के समय किसी भी सुनसान जगह जाने से बचना चाहिए नहीं तो आप नकारात्मकता से घिर सकते हैं। 
  • और आखिर मे पूजा और धयान करें पवित्र गंगा नदी में स्नान करें और पितरों को याद करके उनका आशीर्वाद लें। 

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Siddhbali March 14, 2024
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भारत एक मंदिरों का देश है, भारत के हर कोने में आपको कई हजारों मंदिर मिलेंगे हर गली मोहल्ले में छोटे या बड़े मंदिर हैं। हमारे देश भारत में ऐसे कई प्राचीन मंदिर हैं, जिनको उनकी खूबसूरती उनकी मान्यताएं और चमत्कारों के लिए जाना जाता है। फिर चाहे वह पवित्र चार धाम हों या चाहे ज्योतिर्लिंग , शक्तिपीठ या अन्य मंदिर इन मंदिरों में पूरे साल श्रद्धालुओं और भक्तों की भीड़ दर्शन के लिए लगी रहती है। 

आज हम भारत के लाखों मंदिरों में से कुछ ऐसे रहस्यमई मंदिरों की कहानी आपके लिए लेकर आए हैं , जिनके बारे में आप जान कर आश्चर्यचकित रह जाएंगे। 


मेहंदीपुर बालाजी मंदिर - Mehandipur Balaji Mandir

राजस्थान के दौसा जिले में स्थित यह मंदिर हनुमान जी के बालाजी रूप का है। मान्यताओं के अनुसार यह एक चमत्कारिक मंदिर है , बालाजी के साथ-साथ यहां प्रेतराज सरकार और कोतवाल सरकार का भी मंदिर है। यहां जाने के लिए कई नियमों का पालन करना होता है। यहां आकर दर्शन करने मात्र से ही आपके ऊपर से किसी भी तरह का भूत प्रेत या बुरी आत्मा का साया हट जाता है। 


स्तंभेश्वर महादेव मंदिर - Stambheshwar Mahadev Mandir

यह मंदिर गुजरात में कैमरे की खाड़ी के तट और अरब सागर के बीच में स्थित है। कहा जाता है कि यह मंदिर दिन में कुछ समय के लिए पूरी तरह से जलमग्न हो जाता है और दिखाई नहीं देता। हाई टाइड का स्तर नीचे होते ही या मंदिर फिर से दिखाई देने लगता है।  



पद्मनाभस्वामी मंदिर - Padmanabhaswamy Temple

स्वामी मंदिर केरल राज्य के तिरुवनंतपुरम में स्थित है । इस मंदिर को देश के सबसे धनी और अमीर मंदिरों में से एक माना जाता है। यह कहा जाता है कि यहां कई करोड़ों रुपए का खजाना है। और यह भी माना जाता है कि खजाने तक पहुंचाने का दरवाजे किसी खास मंत्र से ही खोले जा सकते हैं। 


वीरभद्र मंदिर - Virbhadra Mandir

आंध्र प्रदेश में स्थित यह मंदिर 70 बड़े स्तंभों को मिलकर बना है। पर आश्चर्य की बात यह है की सभी 70 में से एक भी स्तंभ जमीन को नहीं छूता , इन्हें हैंगिंग पिलर भी कहा जाता है इन्हें देखने में ऐसा लगता है कि जैसे यह हवा में लटके हुए हैं।  


जगन्नाथ मंदिर - Jagannath Mandir

उड़ीसा के पूरी में स्तिथ है जगन्नाथ मंदिर , यह मंदिर समुद्र तट पर स्थित है लेकिन फिर भी समुद्र की लहरों की आवाज मंदिर के बाहर तो आती है लेकिन अंदर नहीं आती। इसी के साथ-साथ इस मंदिर का मुख्य ध्वज जो मंदिर के ऊपर स्थित है वह हवा की विपरीत दिशा में लहरता है। 


कैलाश मंदिर - Kailash Mandir

महाराष्ट्र में स्थित यह मंदिर अपनी रहस्यमई कलाकारी के लिए जाना जाता है। इस मंदिर को एक बड़ी चट्टान को ऊपर से नीचे की ओर तलाश कर बनाया गया है जो अपने में ही एक अद्भुत कलाकारी है। 


कोडुंगलुर भगवती मंदिर - Kodungallur Bagavathi Mandir

यह मंदिर मां आदिशक्ति के सती रूप को समर्पित है। यहां एक शक्तिपीठ है और यह माना जाता है कि यहां होने वाली पूजा या अनुष्ठान देवी मां के आदेश के बाद ही उनके निर्देशों के हिसाब से ही किये जा सकते हैं।  


यह थे भारत के कुछ रहस्यमई मंदिर अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों और परिजनों के साथ शेयर करें 

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Siddhbali March 14, 2024
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